🪔 विनय चालीसा (हिंदी) & (English Lyrics) PDF

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विनय चालीसा – नीम करौरी बाबा चालीसा लिरिक्स (हिन्दी & PDF) –

॥ दोहा ॥
मैं हूँ बुद्धि मलीन अति ।
श्रद्धा भक्ति विहीन ॥
करूँ विनय कछु आपकी ।
हो सब ही विधि दीन ॥

॥ चौपाई ॥
जय जय नीब करोली बाबा ।
कृपा करहु आवै सद्भावा ॥

कैसे मैं तव स्तुति बखानू ।
नाम ग्राम कछु मैं नहीं जानूँ ॥

जापे कृपा द्रिष्टि तुम करहु ।
रोग शोक दुःख दारिद हरहु ॥

तुम्हरौ रूप लोग नहीं जानै ।
जापै कृपा करहु सोई भानै ॥4॥

करि दे अर्पन सब तन मन धन ।
पावै सुख अलौकिक सोई जन ॥

दरस परस प्रभु जो तव करई ।
सुख सम्पति तिनके घर भरई ॥

जय जय संत भक्त सुखदायक ।
रिद्धि सिद्धि सब सम्पति दायक ॥

तुम ही विष्णु राम श्री कृष्णा ।
विचरत पूर्ण कारन हित तृष्णा ॥8॥

जय जय जय जय श्री भगवंता ।
तुम हो साक्षात् हनुमंता ॥

कही विभीषण ने जो बानी ।
परम सत्य करि अब मैं मानी ॥

बिनु हरि कृपा मिलहि नहीं संता ।
सो करि कृपा करहि दुःख अंता ॥

सोई भरोस मेरे उर आयो ।
जा दिन प्रभु दर्शन मैं पायो ॥12॥

जो सुमिरै तुमको उर माहि ।
ताकि विपति नष्ट ह्वै जाहि ॥

जय जय जय गुरुदेव हमारे ।
सबहि भाँति हम भये तिहारे ॥

हम पर कृपा शीघ्र अब करहु ।
परम शांति दे दुःख सब हरहु ॥

रोक शोक दुःख सब मिट जावै ।
जपै राम रामहि को ध्यावै ॥16॥

जा विधि होई परम कल्याणा ।
सोई सोई आप देहु वरदाना ॥

सबहि भाँति हरि ही को पूजे ।
राग द्वेष द्वंदन सो जूझे ॥

करै सदा संतन की सेवा ।
तुम सब विधि सब लायक देवा ॥

सब कुछ दे हमको निस्तारो ।
भवसागर से पार उतारो ॥20॥

मैं प्रभु शरण तिहारी आयो ।
सब पुण्यन को फल है पायो ॥

जय जय जय गुरुदेव तुम्हारी ।
बार बार जाऊं बलिहारी ॥

सर्वत्र सदा घर घर की जानो ।
रूखो सूखो ही नित खानो ॥

भेष वस्त्र है सादा ऐसे ।
जाने नहीं कोउ साधू जैसे ॥24॥

ऐसी है प्रभु रहनी तुम्हारी ।
वाणी कहो रहस्यमय भारी ॥

नास्तिक हूँ आस्तिक ह्वै जावै ।
जब स्वामी चेटक दिखलावै ॥

सब ही धर्मन के अनुयायी ।
तुम्हे मनावै शीश झुकाई ॥

नहीं कोउ स्वारथ नहीं कोउ इच्छा ।
वितरण कर देउ भक्तन भिक्षा ॥28॥

केही विधि प्रभु मैं तुम्हे मनाऊँ ।
जासो कृपा-प्रसाद तव पाऊँ ॥

साधु सुजन के तुम रखवारे ।
भक्तन के हो सदा सहारे ॥

दुष्टऊ शरण आनी जब परई ।
पूरण इच्छा उनकी करई ॥

यह संतन करि सहज सुभाऊ ।
सुनी आश्चर्य करई जनि काउ ॥32॥

ऐसी करहु आप अब दाया ।
निर्मल होई जाइ मन और काया ॥

धर्म कर्म में रूचि होई जावे ।
जो जन नित तव स्तुति गावै ॥

आवे सद्गुन तापे भारी ।
सुख सम्पति सोई पावे सारी ॥

होय तासु सब पूरन कामा ।
अंत समय पावै विश्रामा ॥36॥

चारि पदारथ है जग माहि ।
तव कृपा प्रसाद कछु दुर्लभ नाही ॥

त्राहि त्राहि मैं शरण तिहारी ।
हरहु सकल मम विपदा भारी ॥

धन्य धन्य बड़ भाग्य हमारो ।
पावै दरस परस तव न्यारो ॥

कर्महीन अरु बुद्धि विहीना ।
तव प्रसाद कछु वर्णन कीन्हा ॥40॥

॥ दोहा ॥
श्रद्धा के यह पुष्प कछु ।
चरणन धरी सम्हार ॥
कृपासिन्धु गुरुदेव प्रभु ।
करी लीजै स्वीकार ॥

विनय चालीसा - नीम करौरी बाबा चालीसा लिरिक्स (हिन्दी & PDF)
विनय चालीसा – नीम करौरी बाबा चालीसा लिरिक्स (हिन्दी & PDF)

Vinay Chalisa – Baba Neem Karori Chalisa (English Lyrics & PDF) –

॥ Doha ॥
Main Hoon Buddhi Maleen Ati ।
Shraddha Bhakti Vihin ॥
Karoon Vinay Kachhu Apki ।
Ho Sab Hi Vidhi Deen ॥
॥ Chaupai ॥
Jai Jai Neeb Karoli Baba ।
Kripa Karahu Aavai Sadbhava ॥

Kaise Main Tav Stuti Bakhanoo ।
Naam Graam Kachhu Main Nahin Jaanoon ॥

Jape Kripa Drishti Tum Karahu ।
Rog Shok Duhkh Darid Harahu ॥

Tumharau Roop Log Nahin Janai ।
Japai Kripa Karahu Soi Bhanai ॥ 4 ॥

Kari De Arpan Sab Tan Man Dhan ।
Pavai Sukh Alaukik Soi Jan ॥

Daras Paras Prabhu Jo Tav Kari ।
Sukh Sampati Tinake Ghar Bhari ॥

Jay Jay Sant Bhakt Sukhadayak ।
Riddhi Siddhi Sab Sampati Dayak ॥

Tum Hi Vishnu Ram Shri Krishna ।
Vicharat Poorn Karan Hit Trshna ॥ 8 ॥

Jay Jay Jay Jay Shri Bhagavanta ।
Tum Ho Sakshat Hanumanta ॥

Kahi Vibhishan Ne Jo Bani ।
Param Saty Kari Ab Main Mani ॥

Binu Hari Kripa Milahi Nahin Santa ।
So Kari Kripa Karahi Duhkh Anta ॥

Soi Bharos Mere Ur Aayo ।
Ja Din Prabhu Darshan Main Paayo ॥ 12 ॥

Jo Sumirai Tumako Ur Maahi ।
Taki Vipati Nasht Hvai Jahi ॥

Jay Jay Jay Gurudev Hamare ।
Sabahi Bhanti Ham Bhaye Tihare ॥

Ham Par Kripa Sheeghr Ab Karahu ।
Param Shanti De Duhkh Sab Harahu ॥

Rok Shok Duhkh Sab Mit Javai ।
Japai Ram Ramahi Ko Dhyavai ॥ 16 ॥

Ja Vidhi Hoi Param Kalyana ।
Soi Soi Aap Dehu Varadana ॥

Sabahi Bhanti Hari Hi Ko Pooje ।
Raag Dvesh Dvandan So Joojhe ॥

Karai Sada Santan Ki Seva ।
Tum Sab Vidhi Sab Layak Deva ॥

Sab Kuchh De Hamako Nistaro ।
Bhavasagar Se Paar Utaro ॥ 20 ॥

Main Prabhu Sharan Tihari Aayo ।
Sab Punyan Ko Phal Hai Payo ॥

Jay Jay Jay Gurudev Tumhari ।
Baar Baar Jaoon Balihari ॥

Sarvatr Sada Ghar Ghar Ki Jano ।
Rookho Sookho Hi Nit Khano ॥

Bhesh Vastr Hai Sada Aise ।
Jaane Nahin Kou Sadhoo Jaise ॥ 24 ॥

Aisi Hai Prabhu Rahani Tumhari ।
Vaani Kaho Rahasyamay Bhari ॥

Nastik Hoon Aastik Hvai Jaavai ।
Jab Svami Chetak Dikhalavai ॥

Sab Hi Dharman Ke Anuyayi ।
Tumhe Manavai Sheesh Jhukai ॥

Nahin Kou Svarath Nahin Kou Ichchha ।
Vitaran Kar Deu Bhaktan Bhiksha ॥ 28 ॥

Kehi Vidhi Prabhu Main Tumhe Manaoon ।
Jaaso Kripa-prasad Tav Paoon ॥

Sadhu Sujan Ke Tum Rakhavare ।
Bhaktan Ke Ho Sada Sahare ॥

Dushtoo Sharan Aani Jab Pari ।
Pooran Ichchha Unaki Kari ॥

Yah Santan Kari Sahaj Subhaoo ।
Suni Aashchary Kari Jani Kau ॥ 32 ॥

Aisi Karahu Aap Ab Daya ।
Nirmal Hoi Jai Man Aur Kaya ॥

Dharm Karm Mein Roochi Hoi Jaave ।
Jo Jan Nit Tav Stuti Gaavai ॥

Aave Sadgun Taape Bhaari ।
Sukh Sampati Soi Paave Saari ॥

Hoy Taasu Sab Pooran Kaama ।
Ant Samay Pavai Vishrama ॥ 36 ॥

Chari Padarath Hai Jag Mahi ।
Tav Kripa Prasad Kachhu Durlabh Naahi ॥

Traahi Traahi Main Sharan Tihaari ।
Harahu Sakal Mam Vipada Bhari ॥

Dhany Dhany Bad Bhagy Hamaro ।
Pavai Daras Paras Tav Nyaro ॥

Karmahin Aru Buddhi Viheena ।
Tav Prasad Kachhu Varnan Keenha ॥40 ॥

॥ Doha ॥
Shraddha Ke Yah Pushp Kachhu ।
Charanan Dhari Samhar ॥
Kripasindhu Gurudev Prabhu ।
Kari Leejai Sweekar ॥

चालीसा संग्रह – link

आरती संग्रह – लिंक

स्त्रोत संग्रह – लिंक

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