🪔 दत्तात्रेय चालीसा (हिंदी) & (English Lyrics) PDF

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यहां हम मातादत्तात्रेय चालीसा इन हिंदी (Dattatreya Chalisa in hindi) प्रस्तुत कर रहे है। यदि आप इस चालीसा को पड़ना चाहते है तो आप इस चालीसा को पढ़ सकते है। और यदि आप दत्तात्रेय चालीसा pdf (Dattatreya Chalisa in hindi PDF) में डाउनलोड करना चाहते है तो आप यहां से कर सकते है।

दत्तात्रेय चालीसा लिरिक्स (हिन्दी & PDF) –

श्री दत्तात्रेय चालीसा

॥ दोहा ॥
नाथ चरणों की धूलि चरनौँ में सदा अर्चना।
तुलसी संतन की पावन धरती पर अवतरणा॥

॥ चालीसा ॥
जय गुरु दत्ता जय जय गुरु दत्ता।
अनन्त रूप निरंतर अनुग्रह करता॥

अवधपुरी महात्मा श्री दत्ता नाथ।
चरणों में सुमन मिश्रित उमानाथ।।

त्रेता में श्रीराम रूप वनवासी।
द्वापर में कृष्ण गोपाल गासी।।

कलियुग अब धारीक पावन।
जाहिं बिकेल सब ग्रंथ अरु आवन।।

जन्म जन्म की पापी श्री दत्त।
सद्गुरु पूर्ण ब्रह्म त्रिगुणात्मा जगत्।।

गोतम अप्रिय गोसावी नाथ।
निगम अगम वेद उपनिषद आगम भागवत की सार कथा।।

उदार विचार श्री दत्ता नाथ।
कामधेनु चिंतामणि दीप्ति ज्योति जगदीश्वर तीर्थ।।

अवधपुरी महात्मा श्री दत्ता नाथ।
चरणों में सुमन मिश्रित उमानाथ।।

॥ दोहा ॥
जो संत सेवक सेवा करवाड़ा।
तिनको त्यागि नाथ कृपा दृष्टि दिखाड़ा।।

॥ चालीसा ॥
अब धरती पर आए दत्त नाथ।
माया असुर मोहित मातु देवी के राज।।

मूर्ति रूप श्री दत्त दयामय।
दीन दयालु सबके सरन आय।।

संकट में जिनकी अब यहाँ सेवा।
कष्ट निवारिणि को दीजिए देवा।।

पूजा अर्चना मन निवासी।
मातृभक्ति पितृभक्ति भगति अबिनासी।।

अवधपुरी महात्मा श्री दत्ता नाथ।
चरणों में सुमन मिश्रित उमानाथ।।

॥ दोहा ॥
जो भक्त दत्त की छाया तले।
सों नर तरक करे तारण हरि की बले।।

॥ चालीसा ॥
कलियुग के सतगुरु श्री स्वामी।
कृपा निधि बता दीन अवघट कामी।।

मुदित मन तुम्हारे चरनों में ध्याऊँ।
अनुपम सुख मंगल करूँ ज्याऊँ।।

नाथ अवधपुरी महात्मा तुम्हारे।
चरणों में सुमन जनम-जनम के करे।।

दया दृष्टि कीजिए श्री दत्ता नाथ।
भव सागर को पार करावे मातु नाथ।।

अवधपुरी महात्मा श्री दत्ता नाथ।
चरणों में सुमन मिश्रित उमानाथ।।

दत्तात्रेय चालीसा (हिंदी) & (English Lyrics) PDF

Dattatreya Chalisa (English Lyrics & PDF) –

Doha
Nath charano ki dhooli charno mein sada archana.

Tulsi santan ki pavitra dharti par avatarana.

Chalisa
Jai Guru Datta jai jai Guru Datta.

Anant roop nirantar anugrah karta.

Avadh-puri mahatma Shri Datta Nath.

Charno mein suman mishrit Uma Nath.

Treeta mein Shri Ram roop vanvaasi.

Dwapar mein Krishna Gopal gaasi.

Kaliyug ab dhaarik pavitra.

Jahin bikeil sab granth aru aavan.

Janm janm ki paapi Shri Datta.

Sadguru poorn Brahm trigunatma jagat.

Gotam apriy Gosavi Nath.

Nigam agam Ved Upanishad Agam Bhagvat ki saar katha.

Udaar vichaar Shri Datta Nath.

Kaamdhenu chintaamani deepiti jyoti Jagadishwar teerth.

Avadh-puri mahatma Shri Datta Nath.

Charno mein suman mishrit Uma Nath.

Doha

Jo sant sevak seva karvaada.

Tinko tyagi Nath kripa drishti dikhaada.

Chalisa
Ab dharti par aaye Datta Nath.

Maya asur mohit maatu devi ke raaj.

Moorti roop Shri Datta dayamay.

Deen dayaalu sabke saran aaye.

Sankat mein jinki ab yahaan seva.

Kasht nivaarini ko dijiye Deva.

Pooja archana man nivaasi.

Maatr-bhakti pitr-bhakti bhakti abinaasi.

Avadh-puri mahatma Shri Datta Nath.

Charno mein suman mishrit Uma Nath.

Doha
Jo bhakt Datt ki chhaaya tale.

Son nar tarak kare taaran Hari ki bale.

Chalisa
Kaliyug ke satguru Shri Swami.

Kripa nidhi bata deen avghat kaami.

Mudit man tumhaare charno mein dhyaaoon.

Anupam sukh mangal karun jyaoon.

Nath Avadh-puri mahatma tumhaare.

Charno mein suman janam-janam ke kare.

Daya drishti kijiye Shri Datta Nath.

Bhav saagar ko paar karaave Maatu Nath.

Avadh-puri mahatma Shri Datta Nath.

Charno mein suman mishrit Uma Nath.

चालीसा संग्रह – link

आरती संग्रह – लिंक

स्त्रोत संग्रह – लिंक

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