🪔राम चालीसा (हिंदी) & (English Lyrics) PDF

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राम चालीसा लिरिक्स (हिन्दी & PDF) –

॥ दोहा ॥
आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनं
वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं
बाली निर्दलं समुद्र तरणं लङ्कापुरी दाहनम्
पश्चद्रावनं कुम्भकर्णं हननं एतद्धि रामायणं

॥ चौपाई ॥
श्री रघुबीर भक्त हितकारी ।
सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी ॥

निशि दिन ध्यान धरै जो कोई ।
ता सम भक्त और नहिं होई ॥

ध्यान धरे शिवजी मन माहीं ।
ब्रह्मा इन्द्र पार नहिं पाहीं ॥

जय जय जय रघुनाथ कृपाला ।
सदा करो सन्तन प्रतिपाला ॥

दूत तुम्हार वीर हनुमाना ।
जासु प्रभाव तिहूँ पुर जाना ॥

तुव भुजदण्ड प्रचण्ड कृपाला ।
रावण मारि सुरन प्रतिपाला ॥

तुम अनाथ के नाथ गोसाईं ।
दीनन के हो सदा सहाई ॥

ब्रह्मादिक तव पार न पावैं ।
सदा ईश तुम्हरो यश गावैं ॥

चारिउ वेद भरत हैं साखी ।
तुम भक्तन की लज्जा राखी ॥

गुण गावत शारद मन माहीं ।
सुरपति ताको पार न पाहीं ॥ 10 ॥

नाम तुम्हार लेत जो कोई ।
ता सम धन्य और नहिं होई ॥

राम नाम है अपरम्पारा ।
चारिहु वेदन जाहि पुकारा ॥

गणपति नाम तुम्हारो लीन्हों ।
तिनको प्रथम पूज्य तुम कीन्हों ॥

शेष रटत नित नाम तुम्हारा ।
महि को भार शीश पर धारा ॥

फूल समान रहत सो भारा ।
पावत कोउ न तुम्हरो पारा ॥

भरत नाम तुम्हरो उर धारो ।
तासों कबहुँ न रण में हारो ॥

नाम शत्रुहन हृदय प्रकाशा ।
सुमिरत होत शत्रु कर नाशा ॥

लषन तुम्हारे आज्ञाकारी ।
सदा करत सन्तन रखवारी ॥

ताते रण जीते नहिं कोई ।
युद्ध जुरे यमहूँ किन होई ॥

महा लक्ष्मी धर अवतारा ।
सब विधि करत पाप को छारा ॥ 20 ॥

सीता राम पुनीता गायो ।
भुवनेश्वरी प्रभाव दिखायो ॥

घट सों प्रकट भई सो आई ।
जाको देखत चन्द्र लजाई ॥

सो तुमरे नित पांव पलोटत ।
नवो निद्धि चरणन में लोटत ॥

सिद्धि अठारह मंगल कारी ।
सो तुम पर जावै बलिहारी ॥

औरहु जो अनेक प्रभुताई ।
सो सीतापति तुमहिं बनाई ॥

इच्छा ते कोटिन संसारा ।
रचत न लागत पल की बारा ॥

जो तुम्हरे चरनन चित लावै ।
ताको मुक्ति अवसि हो जावै ॥

सुनहु राम तुम तात हमारे ।
तुमहिं भरत कुल- पूज्य प्रचारे ॥

तुमहिं देव कुल देव हमारे ।
तुम गुरु देव प्राण के प्यारे ॥

जो कुछ हो सो तुमहीं राजा ।
जय जय जय प्रभु राखो लाजा ॥ 30 ॥

रामा आत्मा पोषण हारे ।
जय जय जय दशरथ के प्यारे ॥

जय जय जय प्रभु ज्योति स्वरूपा ।
निगुण ब्रह्म अखण्ड अनूपा ॥

सत्य सत्य जय सत्य- ब्रत स्वामी ।
सत्य सनातन अन्तर्यामी ॥

सत्य भजन तुम्हरो जो गावै ।
सो निश्चय चारों फल पावै ॥

सत्य शपथ गौरीपति कीन्हीं ।
तुमने भक्तहिं सब सिद्धि दीन्हीं ॥

ज्ञान हृदय दो ज्ञान स्वरूपा ।
नमो नमो जय जापति भूपा ॥

धन्य धन्य तुम धन्य प्रतापा ।
नाम तुम्हार हरत संतापा ॥

सत्य शुद्ध देवन मुख गाया ।
बजी दुन्दुभी शंख बजाया ॥

सत्य सत्य तुम सत्य सनातन ।
तुमहीं हो हमरे तन मन धन ॥

याको पाठ करे जो कोई ।
ज्ञान प्रकट ताके उर होई ॥ 40 ॥

आवागमन मिटै तिहि केरा ।
सत्य वचन माने शिव मेरा ॥

और आस मन में जो ल्यावै ।
तुलसी दल अरु फूल चढ़ावै ॥

साग पत्र सो भोग लगावै ।
सो नर सकल सिद्धता पावै ॥

अन्त समय रघुबर पुर जाई ।
जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई ॥

श्री हरि दास कहै अरु गावै ।
सो वैकुण्ठ धाम को पावै ॥

॥ दोहा ॥
सात दिवस जो नेम कर पाठ करे चित लाय ।
हरिदास हरिकृपा से अवसि भक्ति को पाय ॥

राम चालीसा जो पढ़े रामचरण चित लाय ।
जो इच्छा मन में करै सकल सिद्ध हो जाय ॥

राम चालीसा (हिंदी) & (English Lyrics) PDF

Ram Chalisa (English Lyrics & PDF) –

॥ Doha ॥
Adau Ram Tapovnadi Gamanam Hatvah Mriga Kanchanam
Vaidehi Haranam Jatayu Maranam Sugriva Sambhashanam
Bali Nirdalam Samudra Taranam Lankapuri Dahanam
Paschdravanam Kumbhakarnam Hananam Etadhi Ramayanam

॥ Chaupai ॥
Shri Raghubir Bhakt Hitkari ।
Suni Lijai Prabhu Araj Hamari ॥
Nishi Din Dhyan Dharai Jo Koi ।
Ta Sam Bhakt Aur Nahin Hoi ॥

Dhyan Dhare Shivaji Man Mahin ।
Brahma Indr Paar Nahin Pahin ॥
Jai Jai Jai Raghunath Krpala ।
Sada Karo Santan Pratipala ॥

Doot Tumhar Veer Hanumana ।
Jasu Prabhav Tihun Pur Jana ॥
Tuv Bhujadand Prachand Krpala ।
Ravan Mari Suran Pratipala ॥

Tum Anath Ke Nath Gosain ।
Deenan Ke Ho Sada Sahai ॥
Brahmadik Tav Paar Na Pavain ।
Sada Ish Tumharo Yash Gavain ॥

Chariu Ved Bharat Hain Sakhi ।
Tum Bhaktan Ki Lajja Rakhi ॥
Gun Gavat Sharad Man Mahin ।
Surapati Tako Paar Na Pahin ॥ 10 ॥

Naam Tumhar Let Jo Koi ।
Ta Sam Dhany Aur Nahin Hoi ॥
Ram Naam Hai Aparampara ।
Charihu Vedan Jahi Pukara ॥

Ganapati Naam Tumharo Linhon ।
Tinako Pratham Poojy Tum Kinhon ॥
Shesh Ratat Nit Naam Tumhara ।
Mahi Ko Bhar Shish Par Dhara ॥

Phool Saman Rahat So Bhara ।
Pavat Kou Na Tumharo Para ॥
Bharat Naam Tumharo Ur Dhaaro ।
Tason Kabahun Na Ran Mein Haro ॥

Naam Shatruhan Hrday Prakasha ।
Sumirat Hot Shatru Kar Nasha ॥
Lashan Tumhare Agyakari ।
Sada Karat Santan Rakhavari ॥

Tate Ran Jite Nahin Koi ।
Yuddh Jure Yamahoon Kin Hoi ॥
Maha Lakshmi Dhar Avatara ।
Sab Vidhi Karat Paap Ko Chhara ॥ 20 ॥

Sita Ram Punita Gayo ।
Bhuvaneshvari Prabhav Dikhayo ॥
Ghat Son Prakat Bhi So Aai ।
Jako Dekhat Chandr Lajai ॥

So Tumare Nit Panv Palotat ।
Navo Niddhi Charanan Mein Lotat ॥
Siddhi Atharah Mangal Kari ।
So Tum Par Javai Balihari ॥

Aurahu Jo Anek Prabhutai ।
So Sitapati Tumahin Banai ॥
Ichchha Te Kotin Sansara ।
Rachat Na Lagat Pal Ki Bara ॥

Jo Tumhare Charanan Chit Lavai ।
Tako Mukti Avasi Ho Javai ॥
Sunahu Ram Tum Tat Hamare ।
Tumahin Bharat Kul- Poojy Prachare ॥

Tumahin Dev Kul Dev Hamare ।
Tum Guru Dev Pran Ke Pyare ॥
Jo Kuchh Ho So Tumahin Raja ।
Jai Jai Jai Prabhu Rakho Laja ॥ 30 ॥

Rama Atma Poshan Hare ।
Jai Jai Jai Dasharath Ke Pyare ॥
Jai Jai Jai Prabhu Jyoti Svaroopa ।
Nigun Brahm Akhand Anoopa ॥

Saty Saty Jai Saty- Brat Svami ।
Saty Sanatan Antaryami ॥
Saty Bhajan Tumharo Jo Gavai ।
So Nishchay Charon Phal Pavai ॥

Saty Shapath Gauripati Kinhin ।
Tumane Bhaktahin Sab Siddhi Dinhin ॥
Gyan Hrday Do Gyan Svaroopa ।
Namo Namo Jai Japati Bhoopa ॥

Dhany Dhany Tum Dhany Pratapa ।
Naam Tumhar Harat Santapa ॥
Saty Shuddh Devan Mukh Gaya ।
Baji Dundubhi Shankh Bajaia ॥

Saty Saty Tum Saty Sanatan ।
Tumahin Ho Hamare Tan Man Dhan ॥
Yako Path Kare Jo Koi ।
Gyan Prakat Take Ur Hoi ॥ 40 ॥

Avagaman Mitai Tihi Kera ।
Saty Vachan Mane Shiv Mera ॥
Aur Aas Man Mein Jo Lyavai ।
Tulsi Dal Aru Phool Chadhavai ॥

Sag Patr So Bhog Lagavai ।
So Nar Sakal Siddhata Pavai ॥
Ant Samay Raghubar Pur Jai ।
Jahan Janm Hari Bhakt Kahai ॥

Shri Hari Das Kahai Aru Gavai ।
So Vaikunth Dham Ko Pavai ॥

॥ Doha ॥
Sat Divas Jo Nem Kar Path Kare Chit Lay ।
Haridas Harikrpa Se Avasi Bhakti Ko Pay ॥

Ram Chalisa Jo Padhe Ramacharan Chit Lay ।
Jo Ichchha Man Mein Karai Sakal Siddh Ho Jai ॥

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